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स्वर्गीय श्रीमती सुप्यार कंवर की 35वीं पुण्यतिथि पर आमरस एवं भजनामृत गंगा कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन

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जयपुर। स्वर्गीय श्रीमती सुप्यार कंवर की 35वीं पुण्यतिथि पर सुप्यार देवी तंवर फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार, 19 मई, 2024 को कांवटिया सर्कल पर भावपूर्ण भजन संध्या का आयोजन के साथ आमरस प्रसादी का वितरण किया गया।  कार्यक्रम में प्रतिभाशाली कलाकारों की आकाशीय आवाजें शांत वातावरण में गुंजायमान हो उठीं, जो उपस्थित लोगों के दिलों और आत्मा को छू गईं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, आईएएस राजेंद्र विजय, एडिशनल एसपी पूनमचंद विश्नोई, सुरेंद्र सिंह शेखावत, अनिल शर्मा, के.के. अवस्थी, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण सहित सुप्यार देवी तंवर फाउंडेशन के अध्यक्ष राधेश्याम तंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती मीना कंवर, मंत्री मेघना तंवर, कोषाध्यक्ष अजय सिंह तंवर एवं गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

नेट-थियेट पर हास्य नाटक "शादी कैसे करें" ने गुदगुदाया

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जयपुर। नेट-थियेट पर दुल्हन की नये तरीके से शादी करने की जिद ने दर्शकों को खूब लौटपोट करवाया। हास्य नाटक शादी कैसे करें का निर्देशन नीना कपिल ने किया तथा इस नाटक का लेखन जयपुर के वरिष्ठ रंगकर्मी स्वर्गीय मदन शर्मा द्वारा किया गया।  नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू बताया कि आजकल की शादियों को नयापन देने की होड पर एक शानदार व्यंग्य है जिसमें नायिक रजनी अदभुत तरीके से शादी करने की जिद में नायक रमन को भी शामिल होना पडता है। एक पंडित अपनी ग्रहाकी बचाये रखनें के लिये पुरजोर कोशिश करतें है। अंत में घटना चक्र ऐसा घूमता है कि दुल्हा-दुल्हन, खुद बिचौलिये को भागना पडता है। नाटक में पल्लवी कटारिया ने अपने दमदार अदायगी से नाटक को बांधे रखा व तुषार सिरसवा, सक्षम तिवाडी के अभिनय ने नाटक के पात्रों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का संचालन ऋचा शुक्ला ने किया। नाटक में प्रकाश परिकल्पना मनोज स्वामी, लाइव कैमरा जितेन्द्र शर्मा मंच पार्श्व में अंकित शर्मा नोनू, अजय शर्मा, सौरभ कुमावत, विष्णु जांगिड व अंकित जांगिड का रहा।

नेट-थियेट पर खूब जमा सिंधी नाटक "जा रिश्ता, केहिडा रिश्ता"

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जयपुर। ज्योति कला संस्थान, जयपुर द्वारा सामाजिक सिंधी नाटक रिश्ता आहिन, रिश्तन जो छा सशक्त प्रस्तुति ने लोगों को झकझोर दिया। प्रसिद्ध सिंधी नाट्य निर्देशक सुरेश सिंधू की नाट्य परिकल्पना एवं कलाकारों की भावपूर्ण अभिनय अभिव्यक्ति ने लेखक वी. पी. चॉद के पात्रों को जीवंत कर दिया।   नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू बताया कि सामाजिक सरोकार पर आधारित इस नाटक में समाज में टूटते रिश्तों की डोर पर गंभीर प्रश्न उठायें । कहानी में एक बेटा पढ-लिखकर विलायत चले जाता है और वहीं अपना परिवार बसा लेता है। ऐसे में उसके बूढे मॉ-बाप उससे मिलने को तरस जाते हैं और छोटी-बडी परेशानियां एवं अपनी बीमारियों झूझते हुए याद करतें हैं। बेटा जब वापस आता है तो वो अपनी मॉ से कहता है इतना पैसा भेजता हॅू ऐश से रहो तब मॉ कहती है पेसों की नही मुझे बेटे की जरूरत है।  नाटक में विक्टर मोटवानी, नन्दिनी पंजवानी ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों पर अमिट छाप छोडी। देव सागर, हर्षा पंजाबी और मनोज आडवानी ने अपने अभिनय का लौहा मनवाया। मंच संचालन पूजा चॉंदवानी ने किया।  नाटक में मनोज स्वामी की प्रकाश परिकल्पना नाट्यनुरूप रही, लाइव कैमरा ज

गीता जयंती के अवसर पर गीता कांटेक्ट का पोस्टर विमोचन हुआ संपन्न

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जयपुर। गीता कॉन्टेस्ट गीता के 7 से 12 अध्याय आधारित प्रतियोगिता का पोस्टर विमोचन किया गया इस अवसर पर हरे कृष्ण मूवमेंट के कार्यक्रम समन्वयक प्राण वल्लभ दास एवं मीडिया प्रभारी सिद्ध स्वरूप दास ,रावत एजुकेशन ग्रुप के डायरेक्टर एवं चेयरमैन एवं सैकड़ों विद्यार्थियों इस अवसर पर उपस्थित थे। हरे कृष्णा मूवमेंट राजस्थान के अध्यक्ष अमितासन दास  ने कहा कि भगवत गीता मनुष्य जीवन का मैनुअल (Manual) है। आज से करीब 5000 साल पहले महाभारत के युद्ध से पहले भगवान श्री कृष्ण ने गीता उपदेश गीता जयंती के दिन दिए थे। भगवद गीता का सन्देश आज भी प्रासंगिक हैं। आज भागवत गीता दुनिया की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली सबसे प्रसिद्ध पुस्तक है और इसीलिए कई देशों के विश्वविद्यालयों में गीता का अध्ययन कराया जा रहा है।गीता जयंती 14 दिसंबर को है इस अवसर पर हम अनेको कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं  जिसमें भगवत गीता का अधिक से अधिक वितरण एवं प्रचार समाहित है। लोगों को गीता अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक  राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। गीता कांटेस्ट  हरे कृष्ण मूवमेंट और कृष्ण भावनामृत सेंटर (KBC)

नेट-थियेट पर गीत-ग़ज़ल की सांझ, "दुनिया जिसे कहती है जादू का खिलौना है"

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वो एक नजर में मुझे पहचान गई... जयपुर। नेट-थियेट पर जानेमाने गजल गायक राजेन्द्र जडेजा ने जब अपनी सुरमयी जादूई आवाज से नूरजहॉं सारस्वत की लिखी गजल "वो एक नजर में मुझे पहचान गई" गाई तो माहौल को खुशनुमां बना दिया। इनके साथ रेखा परिहार की सुरीली आवाज ने गीत गजल को परवान चढाया।  नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि जडेजा ने शायर नक्सयालपुरी की गजल "नैना तोसे लागे सारी रैना जागे", नसीम अख्तर की गजल *ये तो किसी पे भरोसा नही किया* में रेखा ने अपनी गायकी की सुंदर प्रस्तुति दी। इसके बाद दोनों कलाकारों ने "आये दिन जो हो सके तो लुफत गम उठा ले" शमीम जयपुरी की गजल एव "गम मेरे जो मुस्कुराए हैं" शायर कुमार बाराबंकी की गजल को इतनी मधुर आवाज में पेश किया कि श्रोता वाह-वाह कर उठे। अंत में राजेंद्र जडेजा और रेखा परिहार ने "दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है" गा कर सांझ को सुरमई बनाया l कार्यक्रम का संचालन लोकप्रिय शायर लोकेश कुमार साहिल ने अपनी लिखी नज्मों के साथ किया। इनके साथ तबले पर राजस्थान के जाने-माने तबला नवाज दिनेश खींची और बिलाल हुसैन

दिवगंत पत्रकारों के परिजनों को नहीं मिल रहा आर्थिक पैकेज

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पचाल लाख रुपये की मानवीय घोषणा पर अफसरों का अडंगा जार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताई प्रभावित परिवारों की पीडा... जयपुर। कोरोना महामारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवाने वाले पत्रकारों के आश्रित परिजनों को आर्थिक पैकेज नहीं मिल रहा है। प्रभावित परिवार जिला कलेक्टर और सूचना व जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को चक्कर काटने को मजबूर है।  छः महीने से अधिक समय के बावजूद एक भी आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना से दिवगंत पत्रकारों के आश्रित परिजनों को पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि जिला कलेक्टर और सूचना व जनसंपर्क विभाग के माध्यम से देनी है। तमाम दस्तावेज व साक्ष्य देने के बाद भी अधिकारी सहायता दिलवाने के बजाय इस मानवीय कार्य में रोडा अटकाने में लगे हुए हैं। जार के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा व प्रदेश महासचिव संजय सैनी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि प्रदेश में कोरोना की पहली व दूसरी लहर में वरिष्ठ पत्रकार श्याम शर्मा, जनार्दन कुलश्रेष्ठ, संजय बोहरा, तनवीर अहमद, आशीष शर्मा, र

पत्रकारों को रियायती दरों पर हो भूखण्ड आवंटन

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जार ने प्रशासन शहरों के संग अभियान में पत्रकारों को भूखण्ड आवंटन का मुद्दा उठाया... जयपुर। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार) ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत जिला व उपखण्ड मुख्यालय स्तर पर पत्रकारों को भूखण्ड आवंटन देने की मांग की है।  इस संबंध में जार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जार के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा व प्रदेश महासचिव संजय कुमार सैनी ने पत्र में बताया कि प्रदेश में सरकार ने सालों से काबिज लोगों को मकान का पट्टा देने समेत अन्य जनउपयोगी कार्यों के लिए प्रशासन शहरों के संग अभियान चल रखा है। उक्त अभियान में पत्रकारों के लिए रियायती दरों पर भूखण्ड आवंटन व पत्रकार आवासीय योजना को भी शामिल करके जिला व उपखण्ड स्तर के पत्रकारों को लाभांवित किया जा सकता है। करीब डेढ़ दशक से जयपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में पत्रकारों की आवासीय योजना मूर्तरुप नहीं ले पाई है। इस वजह से हर जिले में पत्रकार भूखण्ड आवंटन से वंचित है। सरकार द्वारा लाखों लोगों को पट्टे देकर आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। इस अभियान में ही जिलों, उपखण्ड व तहसील स्तर पर का

छत्तीस का आंकड़ा व्यवस्था के विरोध का प्रतीक है - प्रेम जनमेजय

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व्यंग्य संग्रह 36 का आंकड़ा का लोकार्पण... जयपुर। देश की अग्रणीय साहित्यिक संस्था कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय एवं आलोकपर्व  प्रकाशन के सहयोग से आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत लाईब्रेरी सभागार में आयोजित प्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. लालित्य ललित द्वरा सम्पादित व्यंग्य संग्रह 36 का आंकड़ा के लोकार्पण समारोह में प्रतिष्ठित व्यंग्यकार एवं व्यंग्य यात्रा के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में जिस रूप में विसंगतियां बढ़ रही है उसमें आलोचक समाज की जरूरत है। व्यंग्यकार को एक चिन्तक होने के साथ आत्मविश्लेषक भी होना चाहिए। जो 63 का आंकड़ा रखेगा वह व्यंग्यकार नहीं हो सकता। छत्तीस का आंकड़ा व्यवस्था के विरोध का प्रतीक है । छत्तीस का आंकड़ा व्यंग्य की सही पहचान रखने वाले व्यंग्यकार के व्यक्तित्व को सामने लाता है। उन्होंने कहा कि व्यंग्य को साहित्य की विधा के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए व्यंग्य यात्रा और देश भर में व्यंग्य शिविरों के आयोजन से नई जमीन तैयार हुई और नयी पीढ़ी सामने आई है। व्यंग्यकारों को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहि

खाटूश्यामजी व शिव परिवार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित होंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम

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कार्यक्रम में दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, भिवानी व भादरा के कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुति... 26 नवंबर को प्रातः 11:15 बजे से शुरू होगा भंडारा... झुंझुनू। चिड़ावा तहसील के ग्राम मालूपुरा (सोमरा की ढाणी) स्थित श्री नलेवाले बालाजी श्याम मंदिर परिसर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं विशाल भजन संध्या का आयोजन 25 नवम्बर को किया जाएगा।  जानकारी अनुसार सोमरा की ढाणी में खाटूश्यामजी व शिव परिवार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आगामी 24 से 26 नवम्बर तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें कलश यात्रा, नगर परिक्रमा, भजन संध्या एवं अमृतमयी भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 24 नवंबर को प्रातः 11:15 बजे से कलश यात्रा एवं नगर परिक्रमा के साथ होगी। इसी कड़ी में 25 नवंबर को प्रातः 11:15 मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं सायं 7:15 बजे से विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में जयपुर से कोमल शर्मा व गौतम शर्मा "दूनी", अकोला मुंबई से गोपाल शर्मा "हारे", भिवानी से अंजू शर्मा, भादरा से सुशील बंसल, दिल्ली से नरेश म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार अपनी अपनी प्रस्त

'तीनों कृषि कानून लेंगे वापस', राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी का ऐलान

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किसानों के आंदोलन के आगे झुकी मोदी सरकार हमारी तपस्या में कमी रही, हम किसानों को समझा नहीं पाएं - मोदी दिल्ली।  पिछले एक साल से किसान आंदोलन की वजह बने तीनों नए कृषि कानून केंद्र सरकार ने वापस ले लिए हैं। देेश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। मोदी सरकार पिछले साल कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए तीन कानून लाई थी। लेकिन कई किसान संगठन इन कानूनों का लगातार विरोध कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा, कृषि में सुधार के लिए तीन कानून लाए गए थे, ताकि छोटे किसानों को और ताकत मिले। सालों से ये मांग देश के किसान और विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री मांग कर रहे थे। जब ये कानून लाए गए, तो संसद में चर्चा हुई। देश के किसानों, संगठनों ने इसका स्वागत किया, समर्थन किया. मैं सभी का बहुत बहुत आभारी हूं। पीएम मोदी ने कहा, साथियों हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए देश के कृषि  जगत के हित में, गांव, गरीब के हित में पूर्ण समर्थन भाव से, नेक नियत से ये कानून लेकर आई थी।

सबक के मंच पर गायन व सितार के स्वरों ने महकाया गुलदस्ता

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सितार नवाज स्व.पंडित रघुवीर शरण भटट साहिब को समर्पित हुआ कार्यक्रम... जयपुर। सबक के मंच पर जन्मांध युवा गायिका आकांशा जांगिड़ ने राग पुरिया धनाश्री के छोटे ख्याल पायलिया झंकार व मीरा के भजन "तुम बिन कोन मोरी" से सुरीली शुरुआत कर अपनी गायन प्रतिभा दर्शाई। तबले पर गुलाम फ़रीद ने संगत की।  कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति वरिष्ठ सितार वादक प. हरिहर शरण भटट के सितार वादन से हुई। पंडित जी ने राग मारवा में बिलम्बित गत व छोटे खयाल में सितार की अनेक सूंदर ताने, गमक, तिहाई व लयकारी से अपनी उंगलियों का जादू चलाया । कार्यक्रम के अंत मे राग भैरवी में गायकी अंग से वादन कर दर्शकों से दाद पाई। तबले पर प. मेहन्द्र शंकर डांगी ने शानदार संगत कर से कार्यक्रम को परवान चढ़ाया।   मौका था गुलज़ार वायलिन अकादमी के सबक के शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का, ध्रूव स्कूल के स्मृति सभागार में बैठे दर्शक और ऑनलाइन दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों की हौसला अफजाई की। इस अवसर पर सबक द्वारा दिए जाने वाली उपाधि  में सुर सिंगार रत्न उपाधि प. हरीहर शरण भटट साहिब को व आकांशा जांगिड़ को उदयीमान साधिका उपाधि से सम्मा

अधूरी रह गयी...बस इतनी सी बात !

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नेट-थियेट पर मंचित हुआ रोमेंटिक कॉमेडी ड्रामा... जयपुर। नेट-थियेट के मंच पर वीणा पाणी कला मंदिर की ओर से एक रोमेंटिक कॉमेडी ड्रामा बस इतनी सी बात का प्रदर्शन किया गया। नाटक निर्देशन व लेखन तपन भट्ट ने किया। नेट-थियेट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि इस नाटक में तपन अपनी कहानी के माध्यम से बताना चाहता है कि जो भी कहना हो। चाहे वो सॉरी हो, थैंक्यू हो या आई लव यू हो, वो आज अभी और इसी वक्त कह दीजिये। बस इतनी सी बात कहने में देर मत लगाइए क्योंकि पता फ़िर, कल हो न हो नाटक ये कहना चाहता है कि ये शहर हादसों का शहर है। ना जाने कब कहाँ क्या हो जाये। कब कोई अपना हमसे दूर चला जाये। ना जाने कब किस वक्त किसकी सांसे थम जाएं। नाटक का मुख्य पात्र राहुल नाम का लड़का पड़ौस में रहने वाली लड़की अंजली से बहुत प्यार करता है मगर वो अपने दिल की ये बात कितनी ही कोशिशों के बाद अंजली को कह नहीं पाता। बहुत बाद में उसे पता चलता है कि अंजली भी उसे चाहती है। तब वो अपने जज्बात अंजली को कहने जाता है मगर उसी वक्त एक हादसे में अंजली और राहुल की मौत हो जाती है।  नाटक में अन्नपूर्णा शर्मा, शाहरुख खान, चित्रांश माथुर, कमलेश

पहचाने डेंगू के लक्षण और ऐसे करें सही इलाज

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डेंगू प्रकोप में काम आने वाली प्रमुख होम्योपैथिक दवाइयां... Bryonia Alba,  Rhus Tox,  Heper sulp , Aconite , Eupatorium Perfollattum CARICA PAPAYA यह सभी दवाई होम्योपैथिक चिकित्सक की परामर्श के अनुसार लें। कौन सी पोटेंसी (पावर) में लेनी है, कितनी डोज़ लेनी है, कब इसका रिपीटेशन करना है सब चिकित्सक की परामर्श के अनुसार लें। सावधानियां... इस समय मौसम चेंज हो रहा है तो मौसमी सिम्टम्स भी है घबराया नहीं, डरे नहीं। पानी अच्छे से पिए, लिक्विड डाइट अच्छे से लें, खाने में प्रॉपर विटामिंस मिनरल्स युक्त डाइट ले। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। डॉ अशोक सिंह सोलंकी, होम्योपैथिक चिकित्सक, जयपुर Mo 8696696040

प्रदेश में कल से चलाया जाएगा ‘डेंगू मुक्त राजस्थान‘ अभियान

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मौसमी बीमारियों पर काबू पाने के लिए चिकित्सा मंत्री ने दिए निर्देश... सर्वाधिक प्रभावित जिलों में जाएंगे नोडल आफिसर, चिकित्सा कार्मिकों के अवकाश पर लगाई रोक जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि मौसमी बीमरियों और डेंगू पर काबू पाने के लिए प्रदेश में 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक ‘डेंगू मुक्त राजस्थान‘ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभाग स्थानीय विभागों के साथ मिलकर एंटीलार्वल गतिविधि, फोगिंग सहित अन्य गतिविधि संचालित करेगा। साथ ही उन 14 जिलों में नोडल आफिसर भेजे जाएंगे, जहां डेंगू के 150 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। मंत्री डॉ. शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चिकित्सा विभाग के अधिकारियो के साथ मौसमी बीमारियों, कोरोना वैक्सीनेशन व जांच तथा ऑक्सीजन प्लांट्स आदि की विभागीय तैयारियों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 14 जिलों में डेंगू के 150 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है लेकिन इस पर भी चरणबद्ध रूप से काबू पाया जा सकेगा। चिकि

फारूक आफरीदी को राष्ट्रीय अणुव्रत लेखक सम्मान

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लेखक की शब्द शक्ति से अंर्तात्मा का मूल भाव हजारों लोगों तक पहुंचता है... जयपुर। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने भीलवाड़ा में आयोजित एक समारोह में देश के प्रतिष्ठित व्यंग्यकार, कवि, पत्रकार एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी फारूक आफरीदी को उनकी अणुव्रत के प्रति अपनी सेवाओं और  साहित्यिक  योगदान के लिए वर्ष-2020 का ‘‘राष्ट्रीय अणुव्रत लेखक पुरस्कार‘‘ प्रदान किया।  आचार्य श्री महाश्रमण जी ने लेखक आफरीदी को आशीर्वाद देते हुए अणुव्रत और जीवन विज्ञान विषय पर अपना प्रवचन देते हुए कहा की लेखक की शब्द शक्ति से अंर्तात्मा का मूल भाव हजारों लोगों तक पहुंचता है। लेखक में निर्भीकता से विचार व्यक्त करने का सामर्थ्य होता है। लेखक को पुरस्कार मिलने से उसका दायित्व और बढ़ जाता है और अन्य लोगों को आदर्श जीवन की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने आशा जताई कि लेखक अणुव्रत के विचार को अधिक से अधिक अंकुरित करने का प्रयास करेंगे। फारूक आफरीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वे इस पुरस्कार के लिए अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी और अणुव्रत लेखक मंच के कृतज्ञ हैं। आफरीदी ने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण जी

क्रांतिकारी केसर सिंह बारेठ के बलिदान को दर्शाया

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नेट थिएट पर बलिदान का सशक्त मंचन... जयपुर।  राजस्थान के क्रांतिकारी केसरी सिंह बारेठ  के जीवन दर्शन और उनके स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को जयपुर के 18 कलाकारों ने नाटक बलिदान मैं अपने सशक्त अभिनय से जीवंत कर दिया। नेट थिएट के राजेंद्र शर्मा राजू ने बताया की इस नाटक को वरिष्ठ रंगकर्मी एवं पूर्व संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष अर्जुन देव चारण ने लिखा और इसका निर्देशन अभिषेक मुद्गल द्वारा किया गया l नाटक बलिदान में बताया गया कि केसरी सिंह बारहठ एक स्वतंत्र सेनानी एक कवि थे जिन्होंने किस प्रकार देश की आजादी के लिए अपने छोटे भाई जोरावर सिंह बेटे प्रताप सिंह और जमाई ईश्वरदास ओसियां को आजादी की लड़ाई में उसने आगे आगे कर अपने पूरे परिवार को ही आजादी की लड़ाई में बलिदान कर दिया।  क्रांतिकारी  बारेठ ने अपनी कविता के दम पर उदयपुर के महाराणा फतेह सिंह को अंग्रेजों के दरबार में जाने से रोका नाटक के लेखक ने इसमें यह दर्शाया है कि लोग अंग्रेज वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने वाले रासबिहारी बोस को तो याद करते हैं लेकिन जिन्होंने इस में बलिदान दिया उन्हें याद नहीं करते और यह नाटक न केवल

साहित्य समाज की खिदमत करने का बेहतरीन जरिया - आफरीदी

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वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार की जयंती पर ‘काव्यांजलि’ का आयोजन... जयपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था कलमकार मंच एवं डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय की ओर से वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार की जयंती पर आयोजित ‘काव्यांजलि’ में मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी एवं वरिष्ठ व्यंग्यकार फारूक आफरीदी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि साहित्य समाज की खिदमत करने का बेहतरीन जरिया है। साहित्य जीवनभर साथ चलता है और मृत्यु के बाद भी चलता है। वरिष्ठ साहित्यकार नंद भारद्वाज के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ कवि सवाईसिंह शेखावत, मशहूर शायर लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, वरिष्ठ समीक्षक एवं आलोचक राजाराम भादू, फिल्म पटकथा लेखक एवं गीतकार डॉ. दुष्यन्त और साहित्यकार एसीपी, रामगंज सुनील प्रसाद शर्मा के अलावा स्व. तलवार के पुत्र डॉ. अनीश तलवार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने जानकारी दी कि आगामी दिसम्बर में आयोजित होने वाले ‘कलमकार’ पुरस्कार समारोह के अवसर पर ई

वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार की जयंती पर होगा ‘‘काव्यांजलि’’ का आयोजन

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जयपुर।  "कलमकार मंच" एवं "डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय" की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत गुरूवार, 14 अक्टूबर, 2021 को दोपहर 03 बजे से डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय सभागार में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार की जयंती पर ‘‘काव्यांजलि’’ का आयोजन किया जा रहा है।  कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने बताया कार्यक्रम में रचना पाठ के लिए जयपुर के रचनाकार रचना पाठ के लिए सादर आमंत्रित हैं।  रचनाकार नीचे दिये ईमेल पर दिनांक 13 अक्टूबर, 2021 तक अपना नाम, मोबाइल नंबर और अपनी प्रतिनिधि रचना प्रेषित करें। जिन रचनाकारों ने पूर्व में ईमेल कर दिया है, वे कृपया दोपहर 02.45 बजे आयोजन स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। Email : kalamkarmanch@gmail.com

सोशल मीडिया पर छाया "लालसोट गाँव के"

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यु वाओं के बीच बढ़ते राजनीतिक आकर्षण को देखते हुए "विदित हाडा प्रोडक्शन" द्वारा विश्वविद्यालय के चुनाव को मद्देनजर रखते हुए एक गाना "लालसोट गांव के" बहुत जल्दी देखने को मिलेगा। यह गाना जयपुर की जानी-मानी कॉलेज और अन्य अलग-अलग स्थानों पर फिल्माया गया है।  छात्रसंघ चुनाव में होने वाली पक्ष विपक्ष की आपसी खींचतान विशेष रूप से गाने में देखने को मिलेगी। गाने में लीड एक्टर अजय मीणा, विदित हाडा और विपिन जोशी हैं।  साथी कलाकार के रूप में रेहान सिंघानिया (चेतन सेन), अजय शर्मा, हरजोत सिंह, मनीष नावरिया, अंकित मीणा, रोहिताश चौधरी, शिवम शर्मा, दीपक प्रजापत, हर्ष शर्मा ने भागीदारी निभाई है। इस गाने के बोल मनिंदर सिंह ने लिखे हैं और आवाज मयंक राव ने दी है। यह गाना जल्द ही विदित हाडा यूट्यूब चैनल https://youtube.com/c/Vidithada पर देखने को मिलेगा।

सूर्य उदय संस्था ने बांटे वस्त्र, फल और खाद्य सामग्री

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आंगनवाड़ी महिलाओं को पोषण वितरण... जयपुर।  सूर्य उदय संस्था की ओर से झोटवाड़ा के आंगनवाड़ी केंद्र सेन कॉलोनी के सेंटर पर गर्भवती महिलाओं को पोषण वितरण किया गया। इस दौरान संस्था की अध्यक्ष शोभल सिंह ने महिलाओं को बारी- बारी से वस्त्र फल और विटामिन वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए। उन्होंने बताया कि पोषण सभी महिलाओं और बच्चों तक आसानी से पहुंच सके इसी क्रम में इसका आयोजन किया गया जिससे वंचितों को भी लाभ समय पर उपलब्ध हो सके।  कार्यक्रम में आंगनवाड़ी की सहयोगिनी इंदु कंवर, अनीता माथुर, रचना शर्मा, आशा शर्मा और लक्ष्मी देवी सहित अनेक महिलाएं शामिल हुई। उन्होंने पोषण ग्रहण करने वाली महिलाओं को एक-एक कर पोषण वितरण में सहयोग किया। शोभल सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से इस तरह के आयोजन लगातार किए जाएंगे जिससे सभी वर्ग की महिलाओं को लाभ मिल सके।

प्रेम की राजस्थानी कहानी को रमा मेहता लेखन पुरस्कार

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जयपुर। जयपुर की नवोदित साहित्यकार प्रेम लता की राजस्थानी कहानी ‘‘रावण खंडी’’ को साहित्यकार एवं समाजशास्त्री रमा मेहता की स्मृति में आयोजित महिला लेखन प्रतियोगिता में पुरस्कृत किया गया है। पुरस्कार में 25 हजार रुपए एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रसिद्ध पत्रकार एवं लेखिका मृणाल पांडे ने इसकी घोषणा की। रमा मेहता की 98 जयंती पर हुए कार्यक्रम में जानी मानी लेखिका और पत्रकार मृणाल पांडे ने हिंदी पत्रकारिता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार में राज व समाज की आंख में आंख डालकर देखने का साहस होना चाहिए। बदलते परिवेश में पत्रकारों को भाषा, तकनीक इत्यादि से अपने ज्ञान को अद्यतन करना चाहिए और आमजन से संवाद स्थापित करते हुए एक लोकतांत्रिक समाज की स्थापना में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। देशभर से प्राप्त रचनाओं में से निर्णायक मंडल ने हिंदी में प्रदीपिका सारस्वत,  राजस्थानी में प्रेम लता, उर्दू में शहनाज यूसुफ व अंग्रेजी में यशस्वी गौर को पुरस्कार के लिए चयनित किया। निर्णायक मंडल में साहित्यकार इरा पांडे, अनुकृति उपाध्याय, अनीश जैदी, मनीषा कुलश्रेष्ठ, नीता गुप्ता, सरवत खान, डॉ वेददान सुधीर व

जरूरतमंद दृष्टिहीनों को राशन वितरण

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उद्भव विजन फाउंडेशन ने मनाया स्थापना दिवस जयपुर। उद्भव विजन फाउंडेशन की ओर से स्थापना दिवस पर जरूरतमंद दृष्टिहीनोंको राशन वितरण किया गया इस अवसर पर बड़ी संख्या में जरूरतमंद दृष्टिहीन अपने परिजनों के साथ समारोह में उपस्थित हुए और से सहर्ष राशन सामग्री ग्रहण की।  संस्था के संस्थापक सचिव चेतन शर्मा ने बताया कि इस मौके पर अनेक जरूरतमंद आमंत्रण पर पहुंचे जिन्हें राशन सामग्री प्रदान की गई इस मौके पर दृष्टिहीन बालिकाओं के लिए स्कॉलरशिप योजना का भी शुभारंभ किया गया जिसमें दृष्टिहीन बालिका फाउंडेशन की वेबसाइट udbhav.org के माध्यम से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकती हैं।  समारोह में फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शरद त्रिपाठी उपाध्यक्ष शाहरुख खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए और फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे समाज सेवा से संबंधित कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराई  समारोह में सम्मानीय अतिथि के रूप में साइट सेवर्स के विभिन्न पदाधिकारी भी उपस्थित रहे उपस्थित सभी सम्मानीय लोगों ने फाउंडेशन दिवस पर विशेष तरह के आयोजन करने की सराहना की जिससे किसी जरूरतमंद को लाभ मिल सके

प्रदेश में हिंदी साहित्य को नए आयाम दिये तलवार ने

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जयपुर। वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार स्व. ईशमधु तलवार की स्मृति में श्रमजीवी पत्रकार संघ और कलमकार मंच की ओर से बुधवार को रखी गई श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किये। उपस्थित बुद्धिजीवियों ने समवेत रूप से इस बात को स्वीकारा कि विलक्षण प्रतिभा के धनी स्व. तलवार ने पीएलएफ के जरिए प्रदेश में हिंदी साहित्य को नए आयाम दिये और उसे बुलंदियों पर पहुँचाया। उनके पुत्र अनीश तलवार की मौजूदगी में हुई इस सभा में वरिष्ठ साहित्यकार फारूक आफरीदी, लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’,  राजाराम भादू, उमा, तसनीम खान, कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा, फिल्मकार गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय, भागचंद गुर्जर, अशोक राही, वरिष्ठ पत्रकार जगदीश शर्मा, सुनीता चतुर्वेदी, श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष हरीश गुप्ता, उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा, महासचिव रामेन्द्र सोलंकी, सुनील शर्मा, मुकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्यकारों, पत्रकारों व रंगकर्मियों ने अपने उद्बोधन में उनकी यादों को व्यक्त करते हुए श्

सामाजिक दूरियां मिटाने में साहित्यकारों की अहम भूमिका - पंकज सुबीर

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जयपुर। ख्यातनाम कथाकार और साहित्य कार पंकज सुबीर का मानना है कि वर्तमान समय में समाज में बढ़ रही वैमनस्यता और सामाजिक दूरियों को कम करने की दिशा में साहित्यकार ऐसा लेखन करें जिससे समाज में बढ़ रही खाई को पाटा जा सके। सुबीर आज त्रिमूर्ति के रंग चौबारा में शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल के साथ एक परिचर्चा में अपनी बात कह रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का समय हम सबके लिए विषम परिस्थितियों वाला है और समाज में बढ़ रही आपसी कटुता सामाजिक वैमनस्यता और बढ़ती खाई को कम करना जरूरी है इसी कारण समाज में आपसी भाईचारा भी कम हो रहा है और व्यक्ति और परिवार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुबीर का कहना था कि साहित्य ही एक ऐसी विधा है जो बढ़ती सामाजिक असुरक्षा को एक सूत्र में बांध सकती है इसलिए साहित्यकारों का यह नैतिक कर्तव्य है कि वे आज के समय की मांग को देखते हुए ऐसे साहित्य का सृजन करें जिससे लोगों में विश्वास और प्रेम जागृत हो। नामचीन शायर लोकेश कुमार सिंह साहिल ने पंकज सुबीर से सहज रूप से बात करते हुए अनेक ऐसे प्रश्न पूछे जो आज की परिस्थितियों के अनुकूल ही रहे उन्होंने साहित्यकारों की अहम भूमिका और सा

नेट-थियेट पर मंजरी किरण ने दिखाया कथक का लालित्य

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गोपाल राधे श्याम, गोपाल हरी महारास पर कत्थक की शानदार प्रस्तुति... जयपुर। नेट-थियेट पर कथक गुरू मंजरी किरण ने जयपुर घराने की कथक पंरपरा को साकार किया। जयपुर घराने के कथक का तात्पर्य राजस्थानी परंपरा से है। उन्होंने कथक के तोडों पर अपनी विभिन्न मुद्राओं से जयपुर कथक के लालित्य को दर्शाया।  नेट-थियेट के राजेंद्र शर्मा राजू ने बताया कि मंजरी किरण की शिष्याओं ने कठिन लयकारियों के साथ कथक के सात्विकभाव को प्रदर्शित कर जयपुर कथक घराने की परंपरा को जीवंत किया। कार्यक्रम की शुरूआत गणपती वंदना से हुई। उन्होंने र्कीतन "धनी वृंदावन धाम है धनी वृंदावन नाम है" जैसे चर्चित पदों पर कथक की प्रस्तुति से  दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में महारास प्रस्तुति "गोपाल राधे श्याम, गोविंद हरि" पर कथक की बारीकियां व तकनीक को उजागर किया।  उनकी शिष्याओं अदिति शर्मा,  दिशा भट, रिदम खण्डेलवाल, केतकी अग्रवाल एवं अंजना पिल्लई ने तीन ताल मे जयपुर कथक घराने का शुद्ध कथक जिसमें आमद, परम, तिहाई ,चक्करदार बंदिशों का प्रदर्शन किया।   संगीत विष्णु कुमार जांगिड, प्रकाश अंकित जांगिड व  दृश्य  सज्जा मनोज

वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार का निधन

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जयपुर। हिंदी एवं अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को पीएलएफ के जरिये बड़ा मंच प्रदान करने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार ईशमधु तलवार का बीती रात हृदयघात के कारण निधन हो गया। महारानी फार्म मोक्षधाम शुक्रवार दोपहर हुए अंतिम संस्कार में उनके पुत्र अनीश ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में पत्रकार व साहित्यकार मौजूद थे। देश के अनेक प्रमुख समाचार पत्रों में कार्य कर चुके 67 वर्षीय श्री तलवार की बतौर लेखक राजकमल प्रकाशन से संगीतकार दानसिंह पर लिखी 'वो तेरे प्यार का गम' और उपन्यास 'रिनाला खुर्द' तथा कलमकार मंच से कहानी संग्रह 'लाल बजरी की सड़क' किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। कहानी संग्रह 'लाल बजरी की सड़क' पर उन्हें भाषा विभाग, राजस्थान से 'हिंदी सम्मान', अमर उजाला के 'शब्द सम्मान' और हाल ही 'विजयदान देथा सम्मान' से अलंकृत किया जा चुका है। राजस्थान प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव और कलमकार मंच के संरक्षक ईशमधु तलवार पिंकसिटी प्रेस क्लब व श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनके निधन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक चली राधा कृष्ण श्रृंगार प्रतियोगिता

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जयपुर। हरे कृष्ण मुवमेंट, जगतपुरा के तत्वावधान में राधा कृष्ण श्रृंगार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से प्रारंभ हुई प्रतियोगिता राधा अष्टमी तक चली । इस प्रतियोगिता में 1 माह के बच्चे से लेकर 13 वर्ष तक के बच्चों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह कल हरे कृष्ण मंदिर में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता श्री प्राण वल्लभ दास जी ने की। उन्होंने अभिभावकों को बताया की आज के परिवेश में बच्चों के अन्दर अध्यात्मिक तथा नैतिक प्रगति की अत्यंत आवश्यकता है और इसके विकास के लिए मंदिर में सांस्कृतिक शिक्षा विभाग है जो बच्चों में नैतिक शिक्षा  के लिए कार्यरत है। विभाग द्वारा प्रतिवर्ष ग्रीष्मकालीन कैम्प तथा अन्य कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। राधा कृष्ण श्रृंगार प्रतियोगिता में बच्चों व उनके अभिभावकों की रूचि को देखते प्रतिभागियों की फोटो कृष्णा किड्स के फेसबुक पेज पर दर्शकों के द्वारा चुने गए तथा जूरी चॉइस के लिए दो अलग अलग भागों में बांटा गया, विजेताओं को तीन आयु वर्ग में विभाजित किया गया जिसमें जूरी चॉइस के अंतर्गत सबसे छोटे बच्चे सब

जयपुर के राजाराम भादू साहित्य श्री और उमा महिला लेखन पुरस्कार से अलंकृत

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कृष्ण कुमार, मोनिका गौड़ और डॉ. वीरेन्द्र विद्रोही भी हुए सम्मानित जयपुर। साहित्यिक संस्था राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, डूंगरगढ़ की ओर से श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय में आयोजित सृजन पुरस्कार समारोह में जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार व समीक्षक राजाराम भादू एवं किस्सागोई फेम लेखिका उमा सहित अन्य लोगों को विभिन्न सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर ‘हिन्दी जन भाषा से राजभाषा की यात्रा’ पर संगोष्ठी भी हुई। समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास थे, अध्यक्षता वरिष्ठ समालोचक मालचन्द तिवाड़ी ने की तथा विशिष्ट अतिथि जोधपुर के साहित्यकार दशरथ सोलंकी थे। समारोह में सामाजिक सराकारों के लिए मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान से राजाराम भादू और शिव प्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार से उमा को अलंकृत किया गया। इनके अलावा डॉ. नन्दलाल महर्षि स्मृति हिन्दी सृजन पुरस्कार श्रीगंगानगर के डॉ.कृष्ण कुमार आशु, पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार बीकानेर की मोनिका गौड़ व रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान अलवर के डॉ. वीरेन्द्र विद्रोही

महिला लेखन पुरस्कार उमा और समाज सेवा सम्मान वीरेन्द्र विद्रोही को

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राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने की पुरस्कार घोषणा। 14 सितम्बर को किया जाएगा समादृत... जयपुर। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ द्वारा इस वर्ष शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार साहित्यकार उमा को भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित उनकी चर्चित औपन्यासिक कृति ‘जन्नत जाविदाँ’  के लिए व रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान प्रोमिनेंट एक्टीविस्ट डॉ. वीरेन्द्र विद्रोही को देने की घोषणा की गई है। संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि आधी दुनिया के रूप में ख्यात महिला वर्ग में साहित्य के प्रोत्साहन और गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद तबके के कल्याण हेतु सामाजिक सरोंकारों को समर्पित व्यक्तित्व की समाज सेवा को मान देने के लिए संस्था के दिवंगत पदाधिकारियों की स्मृति में प्रारम्भ किए गये श्री शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार और श्री रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान 14 सितम्बर, 2021 को आयोज्य संस्था के वार्षिकोत्सव में अर्पित किए जायेंगे। पुरस्कार निर्णय की जानकारी साझा करते हुए संस्था के मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि श्री शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार इस वर्ष