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Showing posts from November, 2021

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स्वर्गीय श्रीमती सुप्यार कंवर की 35वीं पुण्यतिथि पर आमरस एवं भजनामृत गंगा कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन

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जयपुर। स्वर्गीय श्रीमती सुप्यार कंवर की 35वीं पुण्यतिथि पर सुप्यार देवी तंवर फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार, 19 मई, 2024 को कांवटिया सर्कल पर भावपूर्ण भजन संध्या का आयोजन के साथ आमरस प्रसादी का वितरण किया गया।  कार्यक्रम में प्रतिभाशाली कलाकारों की आकाशीय आवाजें शांत वातावरण में गुंजायमान हो उठीं, जो उपस्थित लोगों के दिलों और आत्मा को छू गईं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, आईएएस राजेंद्र विजय, एडिशनल एसपी पूनमचंद विश्नोई, सुरेंद्र सिंह शेखावत, अनिल शर्मा, के.के. अवस्थी, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण सहित सुप्यार देवी तंवर फाउंडेशन के अध्यक्ष राधेश्याम तंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती मीना कंवर, मंत्री मेघना तंवर, कोषाध्यक्ष अजय सिंह तंवर एवं गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

छत्तीस का आंकड़ा व्यवस्था के विरोध का प्रतीक है - प्रेम जनमेजय

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व्यंग्य संग्रह 36 का आंकड़ा का लोकार्पण... जयपुर। देश की अग्रणीय साहित्यिक संस्था कलमकार मंच की ओर से डॉ. राधाकृष्णन पुस्तकालय एवं आलोकपर्व  प्रकाशन के सहयोग से आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत लाईब्रेरी सभागार में आयोजित प्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. लालित्य ललित द्वरा सम्पादित व्यंग्य संग्रह 36 का आंकड़ा के लोकार्पण समारोह में प्रतिष्ठित व्यंग्यकार एवं व्यंग्य यात्रा के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में कहा कि समाज में जिस रूप में विसंगतियां बढ़ रही है उसमें आलोचक समाज की जरूरत है। व्यंग्यकार को एक चिन्तक होने के साथ आत्मविश्लेषक भी होना चाहिए। जो 63 का आंकड़ा रखेगा वह व्यंग्यकार नहीं हो सकता। छत्तीस का आंकड़ा व्यवस्था के विरोध का प्रतीक है । छत्तीस का आंकड़ा व्यंग्य की सही पहचान रखने वाले व्यंग्यकार के व्यक्तित्व को सामने लाता है। उन्होंने कहा कि व्यंग्य को साहित्य की विधा के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए व्यंग्य यात्रा और देश भर में व्यंग्य शिविरों के आयोजन से नई जमीन तैयार हुई और नयी पीढ़ी सामने आई है। व्यंग्यकारों को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगानी चाहि

खाटूश्यामजी व शिव परिवार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित होंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम

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कार्यक्रम में दिल्ली, मुम्बई, जयपुर, भिवानी व भादरा के कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुति... 26 नवंबर को प्रातः 11:15 बजे से शुरू होगा भंडारा... झुंझुनू। चिड़ावा तहसील के ग्राम मालूपुरा (सोमरा की ढाणी) स्थित श्री नलेवाले बालाजी श्याम मंदिर परिसर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं विशाल भजन संध्या का आयोजन 25 नवम्बर को किया जाएगा।  जानकारी अनुसार सोमरा की ढाणी में खाटूश्यामजी व शिव परिवार मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आगामी 24 से 26 नवम्बर तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें कलश यात्रा, नगर परिक्रमा, भजन संध्या एवं अमृतमयी भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 24 नवंबर को प्रातः 11:15 बजे से कलश यात्रा एवं नगर परिक्रमा के साथ होगी। इसी कड़ी में 25 नवंबर को प्रातः 11:15 मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा एवं सायं 7:15 बजे से विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में जयपुर से कोमल शर्मा व गौतम शर्मा "दूनी", अकोला मुंबई से गोपाल शर्मा "हारे", भिवानी से अंजू शर्मा, भादरा से सुशील बंसल, दिल्ली से नरेश म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार अपनी अपनी प्रस्त

'तीनों कृषि कानून लेंगे वापस', राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी का ऐलान

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किसानों के आंदोलन के आगे झुकी मोदी सरकार हमारी तपस्या में कमी रही, हम किसानों को समझा नहीं पाएं - मोदी दिल्ली।  पिछले एक साल से किसान आंदोलन की वजह बने तीनों नए कृषि कानून केंद्र सरकार ने वापस ले लिए हैं। देेश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बड़ा ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। मोदी सरकार पिछले साल कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए तीन कानून लाई थी। लेकिन कई किसान संगठन इन कानूनों का लगातार विरोध कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा, कृषि में सुधार के लिए तीन कानून लाए गए थे, ताकि छोटे किसानों को और ताकत मिले। सालों से ये मांग देश के किसान और विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री मांग कर रहे थे। जब ये कानून लाए गए, तो संसद में चर्चा हुई। देश के किसानों, संगठनों ने इसका स्वागत किया, समर्थन किया. मैं सभी का बहुत बहुत आभारी हूं। पीएम मोदी ने कहा, साथियों हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए देश के कृषि  जगत के हित में, गांव, गरीब के हित में पूर्ण समर्थन भाव से, नेक नियत से ये कानून लेकर आई थी।

सबक के मंच पर गायन व सितार के स्वरों ने महकाया गुलदस्ता

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सितार नवाज स्व.पंडित रघुवीर शरण भटट साहिब को समर्पित हुआ कार्यक्रम... जयपुर। सबक के मंच पर जन्मांध युवा गायिका आकांशा जांगिड़ ने राग पुरिया धनाश्री के छोटे ख्याल पायलिया झंकार व मीरा के भजन "तुम बिन कोन मोरी" से सुरीली शुरुआत कर अपनी गायन प्रतिभा दर्शाई। तबले पर गुलाम फ़रीद ने संगत की।  कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति वरिष्ठ सितार वादक प. हरिहर शरण भटट के सितार वादन से हुई। पंडित जी ने राग मारवा में बिलम्बित गत व छोटे खयाल में सितार की अनेक सूंदर ताने, गमक, तिहाई व लयकारी से अपनी उंगलियों का जादू चलाया । कार्यक्रम के अंत मे राग भैरवी में गायकी अंग से वादन कर दर्शकों से दाद पाई। तबले पर प. मेहन्द्र शंकर डांगी ने शानदार संगत कर से कार्यक्रम को परवान चढ़ाया।   मौका था गुलज़ार वायलिन अकादमी के सबक के शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का, ध्रूव स्कूल के स्मृति सभागार में बैठे दर्शक और ऑनलाइन दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों की हौसला अफजाई की। इस अवसर पर सबक द्वारा दिए जाने वाली उपाधि  में सुर सिंगार रत्न उपाधि प. हरीहर शरण भटट साहिब को व आकांशा जांगिड़ को उदयीमान साधिका उपाधि से सम्मा