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लोक कलाकारों को राशन किट बांटकर की मदद

पिंकसिटी की पहचान बनाने में लोक कलाकारों का अमूल्य योगदान– विष्णु मित्तल

जयपुर। गुलाबी नगरी के लोक कलाकारों ने ना केवल राज्य की संस्कृति को रोशन किया है बल्कि दुनियाभर में राजस्थान प्रदेश की विशेष पहचान बनाने में अपना अमूल्य योगदान भी दिया है। 

वहीं एक तरफ कोविड महामारी ने लोक कलाकारों से इनका रोज़गार छीन लिया है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी विकट परिस्थिति में इनको अपना जीवन यापन करने भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कई समाजसेवी एवं संस्थाएं आगे बढ़कर इन कलाकारों की मदद कर रही हैं। ऐसी ही एक संस्था है 'आओ साथ चलें' जो कि दिल्ली में भाजपा के कोषाध्यक्ष विष्णु मित्तल द्वारा संचालित है। इस संस्था की तरफ से बुधवार को शहर के शास्त्री नगर स्थित कलाकार कॉलोनी में लोक कलाकारों को राशन के कुल 800 किट बांटे गए। इस दौरान पेशे से व्यवसायी विष्णु मित्तल ने कहा कि उन्हें मीडिया के जरिए मालूम हुआ था कि पिंकसिटी के कलाकार कॉलोनी में रहने वाले लोक कलाकार राशन से वंचित हैं। ये खबर पढ़ने के बाद उनकी संस्था की टीम ने जल्द से जल्द साधन जुटाकर  लोक कलाकारों की मदद करने पहुंच गई। इस मौके पर अनंत ने कहा कि लोक कलाकार हमारी भारतीय संस्कृति के स्तंभ हैं लेकिन इस महामारी की मार के चलते यह निराश हैं। ऐसे समय में हमे अपना कर्त्तव्य मानते हुए समाज के इस महत्त्वपूर्ण वर्ग की ज्यादा से ज्यादा मदद करनी चाहिए। उन्होंने सभी से आगे बढ़कर योगदान करने का आग्रह किया है ताकि लोक कलाकारों के घर में भी दो वक्त का खाना बन सके। 

इस सेवा कार्य में राउंड टेबल इंडिया के अनंत खंडेलवाल, रोहित बवारी, सुमीत अग्रवाल का भी पूर्ण सहयोग रहा। इस अवसर पर कालबेलिया कल्चर फाउन्डेशन के फाउंडर साबू लाल उर्फ यश ने बताया कि 'आओ साथ चलें' संस्था की तरफ से लोक कलाकारों को दिए गए राशन किट के लिए वह संस्था के आभारी रहेंगे। वहीं फाउन्डेशन की को-फाउंडर मीना सपेरा ने बताया कि महामारी के ऐसे दौर में जरूरतमन्द परिवारों को बांटे गए राशन किट से उन्हें राहत मिलेगी।



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